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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ ने सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान किया और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने किस तरह इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को हैंडल किया। शायद कलà¥à¤•ि के à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤‚स से बाकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को कà¥à¤› मदद मिल जाà¤à¥¤
​सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ ने किया परेशान
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दिनों में होने वानी परेशानियों के बारे में बात करते हà¥à¤ कलà¥à¤•ि ने बताया कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में बहà¥à¤¤ उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ होता है। यहां तक कि उनका वजन à¤à¥€ घट गया था। कलà¥à¤•ि कहती हैं कि मेल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° को इन समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में कà¥à¤› पता नहीं होता कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम लोग इस बारे में खà¥à¤²à¤•र बात ही नहीं करते हैं।
इस à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का मानना है कि परिवार के सदसà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚, बॉस या सहकरà¥à¤®à¥€ या पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के आसपास के हर वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दिनों में होने वाली चीजों के बारे में पता होना चाहिà¤à¥¤
​टूट गईं थीं कलà¥à¤•ि
अपने à¤à¤• इंटरवà¥â€à¤¯à¥‚ में कलà¥à¤•ि ने बताया कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जबरदसà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ ने परेशान किया। उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और मतली ने तो उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तकलीफ दी है। अमूमन हर महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस होती ही है, बस फरà¥à¤• इतना होता है कि किसी को उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और मतली की समसà¥â€à¤¯à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है तो किसी को कम।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ आती है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ आने के सà¥â€à¤ªà¤·à¥â€à¤Ÿ कारण का पता नहीं चल पाया है लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स में होने वाले उतार-चढ़ाव को इसका कारण माना जा सकता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स पाचन को धीमा कर देते हैं जिससे सीने में जलन, अपच और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलकà¥â€à¤¸ हो जाता है। ये सà¤à¥€ चीजें पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं और इनकी वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने के उपाय
आप उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने के कà¥à¤› घरेलू उपायों से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के इस लकà¥à¤·à¤£ से राहत पा सकती हैं। उलà¥â€à¤Ÿà¥€ बंद करने के घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े हैं :
संतरे में सिटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है जो खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद से मतली को कम करने में मदद करता है। आप संतरा खा सकती हैं या संतरे का जूस à¤à¥€ पी सकती हैं।
à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• इंच दालचीनी की सà¥à¤Ÿà¤¿à¤• को दस मिनट तक उबालें। इसके बाद थोड़ा ठंडा होने पर इसमें शहद डालकर इस चाय काे पी लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में मतली से तà¥à¤°à¤‚त राहत पाने के लिठनींबू का à¤à¥€ सेवन किया जा सकता है। नींबू में कई तरह के खनिज पदारà¥à¤¥ होते हैं। à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में आधा नींबू निचोड़ दें और इसमें à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š शहद डालकर रोज सà¥à¤¬à¤¹ पिà¤à¤‚। उलà¥â€à¤Ÿà¥€ को रोकने में नींबू बहà¥à¤¤ कारगर होता है।
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